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सायरी

 ऐ जिंदगी जरा ठहर जा अब भी बाकी कुछ अरमान मेरे

अल्फाज दिल के

 मैं ना रहा तो क्या हुआ मेरे बोल याद आयेंगे इन पन्नों पे लिखें शब्दों के मोल याद आयेंगे जीवन की नगरी तो बस कुछ पलों कि है अगर चला गया तो इनके मोल याद आयेंगे मैं ना रहा तो क्या हुआ मेरे बोल याद आयेंगे... सायर - गौतम कर्ष